दुनिया का सबसे होसियार( इंटेलिजेंट) इंसान कोन है ?

सबसे ज्यादा होसियार कोन है ?
 क्या आप जानते हैं सबसे ज्यादा होसियार कोन है। जिसके पास सबसे ज्यादा अकल है।वो की सबसे ज्यादा जिस इंसान का दिमाग चलता है । या फिर जो इंसान सबसे ज्यादा दौड़ सकता है ।सबसे ज्यादा टाइपिंग करता, कोई सुपरस्टार, जिसके पास पैसा ज्यादा है, कोई डॉक्टर ,कोई scientist, कोई मुख्यमंत्री ?

इसको समजने के लिए सबसे पहले हसियार का मतलब जानना पड़ेगा । हम लोग हुसियार किसको कहते है। किसिका दिमाग ज्यादा चलता है उसको कोईभी काम सबसे अच्छा करता है।उसको बोलते है। मगर शहीमे ओ इंसान होसियार नहीं होता है । उसको तो उसकी कोलेटी बोलते है।  जिसमे जो कोलेती होती है उसमे ओ इंसान सबसे अच्छा ही करता है।

होसियार का मतलब किसी भी चीज में होसियार बनने के लिए हम लोग क्या करते है। जिस चीज में हमको होसियार बनना है।उस चीज की हम प्रैक्टिस हम करते है और उस चीज में हम होसियार बनते जाते है। होसियार का मतलब होता है अनुभव है
। अनुभव ऐसा होता है कि भी चीज में होसियार बना देता है। किसी भी चीज में होसियार बनने के लिए उस चीज का अनुभव होना चाहिए । जिसका अनुभव जिस चीज में ज्यादा है उस चीज में ओ होसियार है।
कोई खेदुत का काम खेती करना होता है। उस काम को एक डॉक्टर को बोलेंगे चलो खेती करके दिखाओ तो वो डॉक्टर कर पाएगा नहीं क्युकी उसकी खेती कोई अनुभव ही नहीं है तो बोलो कि खेडूत होसियार या डॉक्टर ?

 ऐसा नहीं है कि खेदूत होसियार है। और डाक्टर नहीं । मगर दोनों अपने अपने काम में होसियार है। डॉक्टर का काम खेदुट नहीं कर सकता और खेडूट का डॉक्टर जो जिस काम में अपना जायदा टाइम देता है वो उस काम में होसियार बन जाता है।

 उदा: दो इंसान एक ही काम करता है। दोनों में सेम कोलेटि है । मगर एक इंसान उस काम को एक साल तक करता है। और दूसरा उसको दश साल तक करता है । इन दिनों में से होसियार कोन आपको पता चल गया होगा।की जिस इंसान ने दस साल तक काम किया ओ होसियार ही है। कोई भी इंसान होसियार नहीं होता । उसको उसका अनुभव होसियार बनता है। हमारा जब जन्म होता तब हम होसियार या बेवकूफ नहीं होते ।
 किसी भी बच्चे का जन्म होता तब कोई भी बता सकता है कि ए बच्चा चल पाएगा या नहीं। ए बोल पाएगा कि नहीं।बड़ा होके ए बच्चा ए बनेगा । उसके बारे में कोई भी नहीं बता पाएगा । इसीलिए होसियार बनना है तो जिस चीज में भी बनना है उस चीज के लिए अपना टाइम निकाल ना पड़ेगा ।

 हर कोई बोलता है। कि कुछ पीने के लिए कुछ खोना पड़ता है। उसका मतलब हम सोचते है की कोई हमारी कीमती चीज हमको खोनी पड़ती है। इसीलिए हम दर जाते है। हम भी चाहते कि हम भी कोई बड़ा इंसान बने । हम ए बड़ा काम करे मगर हमको दर लगता है कि कोई हमारी कीमती चीज खोनी पड़ेगा मगर ऐसा नहीं होता है।
आप लोग जानते ही कि कोई भी इंसान की कीमती चीज कोंसी होती है। तो ओ है उस इंसान का टाइम ।

इस दुनिया में सबसे कीमती टाइम है ।

 हमको कोई भी चीज में होसियार बनना है या कोई भाई चीज हासिल करनी है या कुछ बड़ा बनना है । तो उसके लिए हमको हमर टाइम उस चीज में देना पड़ेगा जिस चीज को हमको पाना है। और जितना हम अपना टाइम देगे उतना होसियार बनते जाएंगे ।

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